फरीदाबाद, सितम्बर 2 -- फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। मातृ मृत्यु के मामलों में अब स्वास्थ्य विभाग को 24 घंटे के अंदर प्रारंभिक सूचना देना अनिवार्य हो गया है। इसके तहत प्रसव के दौरान सरकारी या निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत होने के साथ ही घर या रास्ते में प्रसव के दौरान हुई मृत्यु की जानकारी भी स्वास्थ्य निदेशालय को देनी होगी। इसका उद्देश्य मातृ मृत्यु के कारणों की समय पर पहचान कर कमियों को दूर करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। सरकार ने यह फैसला मातृ मृत्युदर को कम करने के लिए लिया है। नई व्यवस्था के तहत मातृ मृत्यु की जानकारी एचएमआईएस पोर्टल पर दर्ज करने के साथ ही संबंधित मामले की सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी को देनी होगी।

निजी अस्पतालों पर भी लागू होगी व्यवस्था इसके अलावा अस्पतालों को फार्म-4 भरकर उपचार संबंधी पूरी फाइल ...