चित्रकूट, मार्च 7 -- चित्रकूट। संवाददाता पहाड़ी सीएचसी में प्रसव के दौरान शुक्रवार को सुबह जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने युवती को सुबह सीएचसी में दाखिल कराया था। युवती पति के बाहर होने की वजह से अपने मायका में रह रही थी। परिजनों ने किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं लगाया है। पोस्टमार्टम कराए बिना ही परिजन शव लेकर गांव चले गए।परसौजा निवासी कुबेर ने अपनी 22 वर्षीया बेटी नीलू की शादी दो साल पहले बांदा जिले के गिरवां थाना क्षेत्र के मसुरी निवासी दीपक के साथ की थी। दीपक मौजूदा समय पर रोजगार के लिए गुजरात के सूरत शहर में रह रहा है। पति के बाहर होने की वजह से नीलू पिछले छह माह पहले अपने मायका परसौंजा चली आई थी। क्योंकि गर्भवती होने की वजह से ससुराल में उसकी देखभाल होने में दिक्कत थी। शुक्रवार को सुबह पीड़ा होने पर मायका पक्ष क...