रांची, मई 2 -- रांची, विशेष संवाददाता। प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (विज्ञापन संख्या 21/2016) नियुक्ति परीक्षा से जुड़े मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिका में प्रशासनिक कारणों से विलंब से नियुक्त हुए अभ्यर्थियों ने समान वरीयता देने की मांग की है। यह भी पढ़ें- अपर समाहर्ताओं की पदोन्नति पर सरकार को पुनर्विचार करने का निर्देशयाचिका में वरीयता की मांग प्रार्थियों का कहना है कि उनकी नियुक्ति भले ही देर से हुई हो, लेकिन वे उसी परीक्षा के माध्यम से चयनित हुए हैं, जिससे अन्य अभ्यर्थियों को वर्ष 2019 में नियुक्ति मिली थी। इसलिए उनकी नियुक्ति भी वर्ष 2019 से प्रभावी मानी जानी चाहिए, ताकि वे वरीयता में पीछे न रहें। सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता सुमित गड़ोदिया और अमृतांश वत्स ने दलील दी कि नियु...
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