बांदा, अप्रैल 7 -- बांदा। जनपद में दो दिन पूर्व पैलानी व तिंदवारी क्षेत्र में भीषण ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं, चना व सरसों की मड़ाई के लिए रखी फसलें मिट्टी में मिल गईं। वहीं पखवारे भर से कभी बूंदाबादी तो कभी तेज बारिश व ओलावृष्टि से किसान कराह रहा है। उनकी दस दिन से खेतों में थ्रेसर के सामने मड़ाई के लिए रखी फसलें खराब हो गईं। इनके सूखने की नौबत ही नहीं आ रही है। जबकि जिला प्रशासन ने छह अप्रैल को हुई ओलावृष्टि व पांच को भारी बारिश को लेकर लेखपालों व कृषि विभाग के कर्मचारियों से सर्वे कराया। कर्मचारियों ने मौके पर जाने के बजाए घर बैठे दस प्रतिशत नुकसान का आंकड़ा प्रस्तुत कर दिया। प्रशासन ने यही आंकड़ा मानकर शासन को भेज दिया। जबकि शासन के मानक में 40 फीसदी से ज्यादा नुकसान पर ही किसी तरह की आपदा राहत मिल सकती है। ओलावृष्टि व बारिश से तबा...