प्रशासनिक मुस्तैदी से ही सुरक्षित होंगे फुटपाथ
नई दिल्ली, जून 22 -- के के पांडेय,नगर प्रबंधन विशेषज्ञ उच्चतम न्यायालय ने 19 जून को अपने एक ऐतिहासिक दिशा-निर्देश में स्पष्ट किया है कि सीमांकित फुटपाथ पर सुरक्षित रूप से चलना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। न्यायालय ने आवागमन और जीवन के अधिकार संबंधी संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क), अनुच्छेद 19(1)(ख) और अनुच्छेद 19(1)(ग) के तहत पैदल यात्रियों के अधिकार को सर्वोपरि घोषित करते हुए मोटर वाहनों की आवाजाही की तुलना में इसे प्राथमिकता देने का निर्देश केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय को दिया है और इसे सभी स्थानीय निकायों तक पहुंचाने को भी कहा है। यह दिशा-निर्देश एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में आया है, जिसे अपने पिता के साथ स्कूल जाते समय एक ट्रक ने कुचल दिया था। देखा जाए, तो देश में फुटपाथ की स्थिति बहुत ही खराब है। आंकड़ों के अनुसार, व...
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