मुजफ्फरपुर, जुलाई 13 -- मुजफ्फरपुर। श्रावणी मेले में कांवरियों की सुविधा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर मंथन का दौर जारी है, लेकिन विडंबना है कि कांवरियों की सेवा में जुटे रहने वाले सेवादलों को ही नहीं पूछा जा रहा है। हर साल की तरह उन्हीं गिने-चुने लोगों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनाई जा रही है, जिनका सेवा क्षेत्र से कोई लेना-देना नहीं रहता है। यह पीड़ा है कांवरियों के लिए शिविर लगाने वाले सेवादलों की। इनका कहना है कि जमीनी स्तर पर कांवरियों को क्या-क्या असुविधाएं होती हैं, यह हमसे बेहतर कोई नहीं जान सकता। इसलिए प्रशासनिक बैठकों में सभी सेवादलों को शामिल किया जाए तो कांवरियों को हर साल होने वाली कठिनाई दूर करने की कारगर रणनीति बन सके। शहर के सेवादलों ने कांवरियों को हर साल होने वाली समस्याएं साझा करते हुए इस ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया...