गौरीगंज, मई 26 -- अमेठी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों को आगामी पंचायत चुनाव अथवा अगले छह माह तक प्रशासक बनाए रखने के निर्णय के बाद अब ग्राम पंचायतों में नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू होगी। शासन के निर्देशों के अनुसार प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य तो करेंगे, लेकिन वे किसी भी प्रकार के नए नीतिगत निर्णय लेने के अधिकार से वंचित रहेंगे। साथ ही ग्राम सभा की सभी समितियां स्वतः भंग मानी जाएंगी। जिले में कुल 682 ग्राम पंचायतें हैं, जहां यह व्यवस्था प्रभावी होगी। शासन के मुताबिक प्रशासक के रूप में प्रधान केवल पूर्व से स्वीकृत विकास कार्यों और आवश्यक प्रशासनिक कार्यों का संचालन कर सकेंगे। यह भी पढ़ें- प्रशासक बनने के बाद नीतिगत फैसले नहीं ले सकेंगे प्रधान नए प्रस्ताव, वित्तीय नीतियां अथवा बड़े विकास निर्णय लेने का अधिकार जिलाधिकारी के पास...