प्रमुख संवाददाता, जुलाई 27 -- उत्तर प्रदेश में प्रशासक बनते ही 57694 ग्राम प्रधानों को पांच हजार रुपये का मासिक मानदेय मिलना बंद हो गया है। आसमयिक मृत्यु होने पर कल्याण कोष से उनके परिजनों को 10 लाख की आर्थिक मदद भी नहीं मिलेगी। ऐसे में ग्राम प्रधानों ने पंचायती राज विभाग को पत्र लिखकर सुविधाएं बहाल करने की मांग की है। पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित सिंह का कहना है कि शासन की ओर से इस संबंध में उन्हें अलग से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा का कहना है कि तय समय पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव न होने के कारण ही निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाया गया है। 27 मई से निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के पद पर काम कर रहे हैं। ऐसे में अभी तक पंचायती राज विभाग की ओर से उन्हें मा...