रांची, मई 31 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड के सरकारी स्कूलों के बच्चों की दिव्यांगता की स्क्रीनिंग की जाएगी। प्रशस्त ऐप के माध्यम से यह स्क्रीनिंग होगी। वर्तमान में इस ऐप के माध्यम से मात्र 13,925 छात्र-छात्राओं के दिव्यांगता की पहचान हो सकी है। इसके लिए स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि सभी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पढ़ रहे सभी बच्चों का प्रशस्त एप के माध्यम से दिव्यांगता जांच-स्क्रीनिंग कराएं। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि सभी दिव्यांग छात्र-छात्राओं को उनकी विशेष जरूरतों को पूरा करने और उसके अनुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के लिए जल्द से जल्द उनकी दिव्यांगता की पहचान और प्रमाणीकरण होना आवश्यक है। दिव्यांगता के सभ...