बिजनौर, फरवरी 26 -- बेसिक स्कूलों में शिक्षा ले रहे बच्चों में दिव्यांगता तलाशी जाएगी। प्रशस्त एप के माध्यम से बच्चों में 21 प्रकार की दिव्यांगता तलाशी जाएंगी। उसके बाद बच्चों में सुधार के लिए कार्ययोजना बनेगी। शिक्षकों को प्रशस्त एप उनके मोबाइल में डाउनलोड कराया जा रहा है। होली के बाद इस एप से काम शुरू हो जाएगा। जिले में करीब 2120 परिषदीय स्कूल है। इन स्कूलों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। राज्य परियोजना द्वारा एक डिजिटल प्लेडफार्म यानि प्रशस्त एप बनाया है। इस एप के माध्यम से स्कूली बच्चों में दिव्यांगता तलाशी जाएगी। स्कूल में शिक्षा लेने वाले बच्चों में प्रशस्त एप के माध्यम से करीब 21 प्रकार की दिव्यांगता तलाशी जाएगी। बच्चों में दिव्यांगता चिन्हित करने के बाद उनके सुधार के लिए कार्ययोजना भी बनेगी। बेसिक स्कूल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.