संभल, मार्च 16 -- परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की दिव्यांगता की समय रहते पहचान करने के लिए अब प्रशस्ति 2.0 ऐप का सहारा लिया जाएगा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की ओर से विकसित इस ऐप के माध्यम से स्कूल स्तर पर ही 21 प्रकार की दिव्यांगताओं की स्क्रीनिंग की जा सकेगी। इसका उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक शैक्षिक सहयोग और योजनाओं का लाभ दिलाना है। जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के तहत 1289 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय समेत 10 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन सभी बच्चों की स्क्रीनिंग शिक्षकों द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से की जाएगी। एप बच्चों के व्यवहार, सीखने की क्षमता, शारीरिक गतिविधियों और संज्ञान...
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