प्रवीण के कर्णप्रिय गायन से सजी प्रभाती
वाराणसी, मई 27 -- वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की प्रभाती में बुधवार को अस्सी घाट पर नगर के प्रतिभाशाली युवा कलाकार प्रवीण कुमार सिंह का शास्त्रीय गायन हुआ। उन्होंने राग जौनपुरी की अवतारणा की। विलंबित झपताल में निबद्ध रचना 'माथे सुहावे' के बाद उन्होंने द्रुत एकताल में निबद्ध बंदिश 'नैनन सों बात करत' का कर्णप्रिय गायन किया। ठुमकी 'चाल चली अलबेली नार' से गायन को विस्तार देते हुए उन्होंने समापन संत कबीर के भजन 'झीनी झीनी रे चदरिया' से किया। तबला पर बाल कलाकार रुद्रांश प्रताप सिंह ने संगत की। यह भी पढ़ें- आरती ने किया दादरा और झूला का गायन
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