गुड़गांव, मार्च 29 -- *सोहना, संवाददाता। शहर में रसोई गैस की कालाबाजारी ने रोजी-रोटी कमाने आए प्रवासी मजदूरों के सामने पेट भरने का बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। पांच किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडरों में गैस भरवाना अब मजदूरों की जेब पर भारी पड़ रहा है। जो गैस एक महीने पहले तक 80 से 100 रुपये प्रति किलो मिल रही थी, वह अब 400 से 450 रुपये प्रति किलो की दर से बेची जा रही है। हालात यह हैं कि एक किलो गैस की कीमत मजदूर की एक दिन की दिहाड़ी के बराबर हो गई है। महंगाई की इस मार से परेशान होकर मजदूर अब अपने पैतृक राज्यों की ओर पलायन करने की तैयारी करने लगे हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से सोहना आए इन मजदूरों के लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।मकान मालिकों की पाबंदी, खुले आसमा...