बेगुसराय, मार्च 12 -- बखरी, निज संवाददाता। दो दिवसीय सत्संग के प्रथम दिन गुरुवार को मक्खाचक स्थित महर्षि मेंही आश्रम में विराट ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। स्वामी व्यसानंद महाराज ने श्रद्धालुओं से कहा कि मनुष्य जीवन भगवान की एक अनमोल देन है। यह जीवन केवल भोग और सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने के लिए मिला है। उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य अपने भीतर झाँकना नहीं सीखता, तब तक उसे सच्ची शांति और आनंद की प्राप्ति नहीं हो सकती। संसार में दुख का मुख्य कारण मन की चंचलता और मोह है। मनुष्य जितना अधिक माया और अहंकार में उलझता है, उतना ही वह परम सत्य से दूर होता जाता है। इसलिए जीवन में सत्संग, भजन और नाम-स्मरण का सहारा लेना अत्यंत आवश्यक है। सत्संग अज्ञान के अंधकार को दूर करने वाला दीपक है। उन्होंने कहा कि जीव...
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