प्रयागराज, जनवरी 28 -- वासुकि नाग से देवताओं ने पूछा कि तुम त्रिवेणी पर क्या कर रहे हो तो उन्होंने बताया कि सागर मंथन के दौरान उनका शरीर बहुत कष्ट में हो गया है। जगह-जगह घाव हो गया है। इस कष्ट से मुक्ति पाने के लिए लिए त्रिवेणी आए हैं। क्योंकि यहां आने मात्र से सारे कष्ट मिट जाते हैं। यह कथा पं. प्रदीप मिश्र ने बुधवार को खाकचौक व्यवस्था समिति के प्रधानमंत्री जगद्गुरु संतोषदास 'सतुआ बाबा' के शिविर में बुधवार को सुनाई। इस मौके पर उपस्थित लोगों से उन्होंने का कि वो भी इस बात का ध्यान रखें। जब कोई पूछे कि वो प्रयाग की धरती पर क्यों आए हैं तो उन्हें यही जवाब दें। शिव कथा वाचक प्रदीप मिश्र ने कथा के दूसरे दिन कहा कि लोग गंगा स्नान के लिए आते हैं और अपने वस्त्र वहीं छोड़ देते हैं। आखिर क्यों घर पर कपड़ा सुखाने के लिए तार बंधा होता है। इसका कारण ...
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