वाराणसी, मई 13 -- वाराणसी। भेलूपुर स्थित एक होटल में मंगलवार को नागरिक समाज की तथ्य अन्वेषण समिति के कार्यक्रम में प्रयागराज माघ मेला प्रकरण पर प्रतिवेदन का विमोचन किया गया। इसमें ज्योतिर्मठ शंकराचार्य के साथ घटना को राज्य शक्ति के दुरुपयोग का उदाहरण बताया गया। समिति में पूर्व सीबीआई निदेशक एम. नागेश्वर राव, वरिष्ठ लेखिका प्रो. मधु किश्वर तथा सामाजिक कार्यकर्ती ऋतु राठौर शामिल रहीं। समिति के अनुसार 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या पर ज्योतिर्मठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पारंपरिक पालकी शोभायात्रा के साथ संगम स्नान के लिए जा रहे थे। संगम के पास अधिकारियों ने उन्हें रोक पालकी से उतरने के लिए कहा।

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