रांची, नवम्बर 8 -- रांची। विशेष संवाददाता झारखंड हाईकोर्ट ने आदेश का पालन नहीं होने पर सख्त रुख अपनाते हुए पथ निर्माण विभाग के सचिव को 21 नवंबर को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने कहा कि केवल प्रोन्नति देना पर्याप्त नहीं है, प्रार्थियों को उसी तिथि से वेतनमान देना होगा, जिस तिथि से वरीयता सूची में उनके कनीय अधिकारियों को प्रमोशन और वेतन मिला है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश का अनुपालन नहीं करना अवमानना की श्रेणी में आता है। इस संबंध में विक्रम मंडल एवं अन्य ने याचिका दायर की है। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमरेंद्र प्रधान ने दलील दी कि विभाग ने सिर्फ खानापूर्ति करते हुए प्रोन्नति दी है, लेकिन उस तिथि से वेतनमान नहीं दिया, जबसे उनके कनिष्ठों को लाभ मिला। यह न्यायालय के पूर्व आदेश की अवमानना है। वहीं, रा...
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