प्रभु श्रीराम ने परशुरामजी के क्रोध को विनम्रता से शांत किया
मिर्जापुर, मई 26 -- जमालपुर। क्षेत्र के हसौली गांव स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के पांचंवीं निशा पर मानस मयूरी शालिनी तिवारी ने धनुष यज्ञ और परशुराम संवाद कि कथा सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने बताया कि सीता स्वयंवर का आयोजन महाराज मिथिला नरेश जनकजी ने अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए किया था। मिथिला नरेश की प्रतिज्ञा थी कि जो वीर शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा देगा, उसी के साथ सीता का विवाह होगा। भगवान शिव के धनुष को बलशाली और अंहकारी राजा ने हिला भी नहीं सके। गुरु विश्वामित्र के साथ स्वयंवर में उपस्थित भगवान श्रीराम ने गुरु के आज्ञा से धनुष को उठाया। जैसे ही प्रत्यंचा चढ़ाई धनुष टूट गया। उसकी गूंज से तीनों लोक कांप उठा। धनुष टूटने कि आवाज सुनते ही भगवान परशुराम अत्यंत क्रोधित होकर पहुं...
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