सिद्धार्थ, दिसम्बर 7 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के बहेरिया गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में चौथे दिन शुक्रवार की रात कथावाचक आलोकानंद शास्त्री ने प्रभु श्रीकृष्ण के जन्म का वर्णन किया। इस दौरान प्रभु का जन्म होते ही श्रद्धालुओं ने झूमकर खुशियां मनाई और आनंद उठाया। कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जेल में वासुदेव के घर अवतार लेकर संतो व भक्तों का सम्मान बढ़ाया। जब-जब धरा पर अत्याचार, दुराचार व पापाचार बढ़ा है तब-तब प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। मथुरा में राजा कंस के अत्याचार से व्यथित होकर धरती की करुण पुकार सुनकर नारायण ने कृष्ण रूप में देवकी के अष्टम पुत्र के रूप जन्म लिया। उन्होंने धर्म व प्रजा की रक्षा कर कंस का अंत किया। कथावाचक ने कहा कि भगवान श्...
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