मुंगेर, अप्रैल 28 -- संग्रामपुर, एक संवाददाता। कहुआ में श्रीराम परिवार एवं भगवान शिव के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास रामावतार शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा तथा देवराज इंद्र के अभिमान भंजन की कथा का विस्तृत वर्णन किया। भगवान की नटखट बाल लीलाओं, माता यशोदा के वात्सल्य प्रेम और ब्रजवासियों के साथ उनके स्नेहपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो उठे। उन्होंने पूतना वध प्रसंग पर विशेष प्रकाश डालते हुए बताया कि, भगवान के प्रति समर्पण की भावना न होने के बावजूद पूतना को मोक्ष की प्राप्ति हुई। यह भी पढ़ें- सात दिवसीय भागवत कथा क...
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