वाराणसी, जून 30 -- वाराणसी। काशी में मेलों के मौसम की भूमिका ज्येष्ठ पूर्णिमा की तिथि पर सोमवार को भगवान जगन्नाथ के जलाभिषेक से बन गई। इस अत्यंत विशिष्ट अवसर पर शुभता के निमित्त भगवान जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र और देवी सुभद्रा ने श्रीगणेश के स्वरूप में भक्तों को दुर्लभ दर्शन दिए। तीनों विग्रहों के गणेश स्वरूप दर्शन वर्ष में मात्र एक बार और लगभग एक घंटे के लिए ही होते हैं। इस वर्ष भी मंगला आरती के लिए पट खुलने से लेकर ट्रस्ट श्री जगन्नाथजी के सदस्यों द्वारा प्रथम अभिषेक का क्रम आरंभ होने से पहले तक करीब एक घंटे तीनों देवों ने गणेश स्वरूप में दर्शन दिए। इस अवधि में पहुंचने वाले भाग्यशाली भक्तों को इस स्वरूप के दर्शन मिले। मंगला के बाद भगवान के मूल स्वरूप वाले विग्रह का अभिषेक आरंभ हुआ। शास्त्र की कथाओं के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भगवान जगन्ना...