झांसी, सितम्बर 1 -- झांसी। अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान में गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने कहा कि जो भी जीव भगवत्ता के साथ भक्ति करके परमात्मा के चरणों को प्राप्त कर लेता है,वह कितना भी पापी हो, मृत्यु पर विजय प्राप्त कर‌ लेता है उसे मोक्ष मिल जाता है अर्थात उसे बार बार के जीवन- मरण से छुटकारा मिल जाता है। आचार्य मानतुंग स्वामी द्वारा लिखित भक्तामर काव्य का व्याख्यान करते हुए विशा श्रीमाताजी ने कहा कि एक बार के मरण में जीव को इतनी वेदना होती है कि इस जिव्हा से उसे बताया नहीं जा सकता फिर‌ बार बार जन्म मरण में होने वाले कष्ट का तो स्वयं जीव ही अनुभव कर‌ सकता है। यह भी पढ़ें- संतानों को संस्कार वान बनाएं : विशाश्री माताजी उन्होंने कहा कि संसारी लोग हैं कि संतान के जन्म पर खुशियां मनात...