वाराणसी, जुलाई 18 -- वाराणसी,मुख्य संवाददाता। 'जगन्नाथ स्वामी नायनपथगामी भवतु मे' अर्थात 'नयनों की राह से प्रभु हमारे हृदय में विराजें' की कामना से हजारों भक्तों ने रथयात्रा मेला के दूसरे दिन श्रीजगन्नाथ के समक्ष उपस्थिति दर्ज कराई। प्रभु को अतिप्रिय तुलसी और परवल की मिठाई अर्पित की। डोली यात्रा वाले दिन से आरंभ इंद्रदेव की कृपा की प्रतीक्षा अंतत: शुक्रवार को पूर्ण हुई। भगवान के रथ का झमाझम अभिषेक के बहाने इंद्रदेव ने उमस से भी राहत दिलाई। कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। भोग प्रसाद अर्पण के बाद रथ का पहिया घुमाने की परंपरा का निर्वाह किया। आषाढ़ शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को रथयात्रा के लक्खा मेले में भोर से ही भक्तों का आना शुरू हुआ। यह क्रम देर रात तक जारी रहा। दीन-दुखी, साधु-संत एवं नगर निवासियों ...