वाराणसी, मई 21 -- वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की प्रभाती में गुरुवार को अस्सी घाट पर प्रशिक्षु कलाकार नियति वर्मा का शास्त्रीय गायन हुआ। उन्होंने राग गुर्जरी तोड़ी में निबद्ध पारंपरिक बंदिश 'पार करो मोरी नइया' से गायन की शुरुआत की। दादरा 'चला रे परदेसिया नैना मिलाई के' से गायन को विस्तार देने के बाद उन्होंने समापन भजन से किया। उनके साथ्ज्ञ तबला पर पं.अनंग गुप्त एवं हारमोनियम पर कृपा सिंधु ने संगत की। यह भी पढ़ें- अनामिका की वीणा से तरंगित हुई प्रभाती

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