वाराणसी, मई 29 -- वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की अस्सी घाट पर होने वाली प्रभाती में गुरुवार को युवा कलाकार देवदृता भट्टचार्य का सुरीला शास्त्रीय गायन हुआ। उन्होंने राग वैरागी भैरव के सुर लगाए। विलंबित एक ताल और द्रुत तीन ताल में पारंपरिक बंदिशें सुनाने के बाद उन्होंने दो भजन भी गाए। उनके साथ तबला पर राकेश रौशन और हारमोनियम पर डॉ.पंकज शर्मा ने संगत की। यह भी पढ़ें- केदार मंदिर में पुरुषोत्तम मास का सांगीतिक वंदन यह भी पढ़ें- मधुबनी के मुरारी का नमो घाट पर हुआ भजन गायन

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