मुजफ्फरपुर, फरवरी 11 -- मुजफ्फरपुर, वसं। प्रज्ञा-प्रवाह के अखिल भारतीय सहसंयोजक विनय दीक्षित ने कहा कि जब तक भारत का प्रबुद्ध वर्ग भारत केंद्रित विमर्श स्थापित नहीं करेगा, तब तक राष्ट्र अपनी वास्तविक भूमिका में स्थापित नहीं हो सकता। संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर एक दिवसीय प्रवास पर आए दीक्षित ने रेडक्रॉस सोसायटी भवन में आयोजित प्रबुद्ध जनों की सभा में बुधवार को कहा कि भारत का प्राचीन अवदान विश्व कल्याण का रहा है। किंतु आक्रमण, धर्मांतरण और राष्ट्रांतरण की प्रक्रियाओं ने भारत की वैचारिक धुरी को कमजोर करने का प्रयास किया। आज समाज में जो खाई और भ्रम दिखता है, वह उसी विकृत विमर्श का परिणाम है। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त न्यायाधीश हरिनाम गुप्ता, एलएस कॉलेज की प्राचार्य डॉ. कनुप्रिया, पूर्व आईपीएस डॉ. सुकन पासवान, विमल उप्पल, रामाशीष शर्मा, शंभूना...