बिजनौर, अगस्त 2 -- वर्ष 2012 में हुए चर्चित प्रबल हत्याकांड का असर केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव लंबा समय बीतने के बाद वैश्य समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों पर देखने को मिल रहा है। समाज के लोगों का कहना है कि इस घटना के बाद महाराजा अग्रसेन जयंती जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। बताया जाता है कि 19 दिसंबर 2012 को जिला मुख्यालय पर वैश्य समाज ने महाराजा अग्रसेन जयंती का आयोजन बेहद भव्य स्तर पर किया था। रामलीला ग्राउंड से आकर्षक झांकियों, बैंड-बाजों और बड़ी संख्या में समाज के लोगों की मौजूदगी के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली गई थी। उस समय यह आयोजन जिले के बड़े सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल माना जाता था।

प्रबल हत्याकांड का सामाजिक प्रभाव हालांकि, 19 दिसंबर 12 प्रबल हत्याकांड ने पूरे वैश्य समाज ...