बिजनौर, अगस्त 2 -- चर्चित प्रबल हत्याकांड में अदालत से उम्रकैद की सजा मिलने के बाद जिला कारागार में बंद दोषियों की पहली रात बेचैनी और तनाव में बीती। जेल सूत्रों के अनुसार, सजा सुनाए जाने के बाद अधिकांश दोषी देर रात तक सो नहीं सके और पूरी रात करवटें बदलते रहे। दोषियों के चेहरे पर मायूसी छाई रही। शुक्रवार को प्रबल हत्याकांड में अदालत ने सातों दोषियों संजय गुप्ता, विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, राहुल गुप्ता, आशीष अग्रवाल, निखिल अग्रवाल व अनुज गुप्ता को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व सभी पर एक लाख 15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई थी। सभी दोषियों को एक ही बैरक में रखा गया। बताया जाता है कि सजा मिलने के बाद मानसिक तनाव के चलते कई दोषियों ने रात का भोजन भी ठीक से नहीं किया। किसी ने आधी दाल-रोटी खाई तो किसी ने भोजन अधूरा ही छोड़ दिया। जेल कर्मियों के अ...