सोनभद्र, जून 28 -- अनपरा,संवाददाता। प्रदेश में बिजली की मांग में रिकार्ड इजाफे से संविदा कर्मियों पर असहनीय कार्यभार डाल दिया गया है। पिछले लगभग दो माह में बिजली व्यवस्था बनाए रखने की जद्दोजहद में लगभग 36 संविदा कर्मियों की दुर्घटनाओं में मृत्य होना अत्यंत गंभीर हालात है। दुर्घटनाओं के पीछे केवल तकनीकी कारण नहीं, बल्कि पावर कॉरपोरेशन शीर्ष प्रबंधन की गलत नीतियां जिम्मेदार है। यह भी पढ़ें- दो महीने में 36 संविदा कर्मचारियों की हुई मौत : संघर्ष समितिसंविदा कर्मियों की समस्याएं रविवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने यूपीपीसीएल प्रबन्ध पर आरोप लगाते हुए चेताया कि यदि प्रबंधन ने अपनी मनमानी, दमनात्मक एवं शोषणकारी नीतियों में तत्काल सुधार नहीं किया और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव प्रदेश की बिज...