फतेहपुर, अप्रैल 24 -- फतेहपुर। पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का उद्देश्य आज तक पूरा नहीं हो पाया है। करोड़ो का बजट खपाने के बाद भी प्रधान का घर पंचायत भवन के रूप में तब्दील है। सरकारी संपत्ति तालों में कैद होती जा रही है। गिने चुने भवनों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश में ताला ही लटकता मिलता है। पंचायत स्तर व खुली बैठकें तो दूर जन्म मृत्यु जैसे प्रमाण पत्रों के लिए ऐडी चोटी का जोर लगाए ग्रामीण चक्कर काट रहा है। स्थिति यह है कि देखरेख के अभाव में पंचायत भवन के कंडम होते जा रहे है। आपके हिंदुस्तान अखबार ने पंचायत भवनों की पड़ताल कराई तो अफसरों के दावों की हकीकत सामने आ गई। पेश है एक रिपोर्ट... प्रधान के घर चलता है पंचायत भवनहथगाम पंचायत भवन की स्थिति बेहद दयनीय है, खस्ताहाल भवन बदहाली के आंसू बहा रहा है। नतीजन पंचायत भवन का सिस्टम प्रधा...
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