नई दिल्ली।, जुलाई 26 -- NEET परीक्षा पेपर लीक को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से मामला शांत होता नहीं दिख रहा है। शिक्षा मंत्री का त्यागपत्र छात्र आंदोलन की एक प्रमुख मांग थी, लेकिन इसके बावजूद नरेंद्र मोदी सरकार पर राजनीतिक दबाव कम होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा तय की गई नई रणनीति से साफ है कि कांग्रेस अब संसद में पेपर लीक विरोधी कड़े कानून पर बहस से इतर 20 जुलाई को दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज और हिंसा पर सरकार को घेरने की तैयारी कर चुकी है। दूसरी तरफ, युवाओं और सोशल मीडिया का यह आंदोलन अब शिक्षा क्षेत्र से निकलकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और E20 एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल नीति की ओर मुड़ ...