फतेहपुर, मार्च 17 -- फतेहपुर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडियट की कापियों का मूल्यांकन के लिए अधिकांश प्रधानाचार्यो को अंकेक्षण कार्य में लगाए जाने का माध्यमिक शिक्षक संघ ने विरोध किया है। अधिकारियों ने मांग की है कि मात्र एक रुपये पारिश्रमिक निर्धारित किया जाना निंदनीय है। प्रधानाचार्यो को इस कार्य से मुक्त किए जाने की मांग की है। संघ के जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ला समेत अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि यूपी बोर्ड द्वारा वर्ष 2026 की परिषदीय परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में प्रधानाचार्यों को अंकेक्षण (निरीक्षण) के लिए नियुक्त करते हुए मात्र एक रुपये पारिश्रमिक निर्धारित किया जाना अत्यंत आपत्तिजनक, अव्यावहारिक एवं प्रधानाचार्य पद की गरिमा के प्रतिकूल है। अधिकांश सवित्त सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों एवं राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यो को...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.