जामताड़ा, मार्च 25 -- सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत जिले में बड़े पैमाने पर गड़बड़झाला सामने आ रहा है। अस्पतालों द्वारा कागजों पर मरीजों के नाम पर भारी-भरकम बिलिंग की जा रही है। जबकि जमीनी स्तर पर मरीजों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। बुधवार को डीसी रवि आनंद व सिविल सर्जन डॉ एपीएन देव ने सिटी हास्पिटल जामताड़ा व मंगलम नेत्रालय का जांच किया। जांच के दौरान यह सामने आया कि एक बेड के नाम पर करीब 5 हजार रुपये तक का दावा किया जा रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि ऑपरेशन से पहले और बाद में मरीजों को अलग-अलग रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है और यह स्वास्थ्य मानकों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है। लेकिन अस्पतालों में न तो समुचित इलाज की व्यवस्था है और ...