प्रधानमंत्री ऋण योजना के नाम पर करते थे ठगी
बरेली, सितम्बर 1 -- फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को ऋण दिलाकर ठगी करने के आरोपी लोन दिलाने के नाम पर लोगों को फंसाते थे। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों के आधार कार्ड लेकर नए सिम निकलवाकर उनका पता बदलवाते थे। इसके बाद उनकी नौकरी के फर्जी दस्तावेज तैयार करके अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाते थे। आरोपियों ने बताया कि इसमें फर्जी पहचान पत्र, फर्जी वेतन पर्चियां और अन्य दस्तावेज भी फर्जी होते थे। खातों में दो-तीन महीने तक वेतन के रूप में धनराशि भेजकर संबंधित व्यक्ति की सिविल बेहतर दिखाई जाती थी। इसके आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य बैंकों से 15 से 20 लाख रुपये तक के पर्सनल लोन स्वीकृत कराए जाते थे। लाभार्थियों को बताया जाता था कि लोन प्रधानमंत्री ऋण योजना के तहत स्वीकृत हुआ है। फिर उन्हें 70-80 हजार की रकम ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.