मिर्जापुर, अप्रैल 24 -- हलिया। क्षेत्र के हथेड़ा में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के समापन दिवस पर कथा व्यास पंडित विष्णुधर द्विवेदी ने विविध प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने प्रद्युम्न जन्म एवं शंबरासुर वध की कथा सुनाते हुए कहा कि मृत्यु निश्चित है, उससे कोई नहीं बच सकता। व्यास जी ने स्यमंतक मणि प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि इस कथा के श्रवण से जीवन के कलंक मिटते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण पर लगे आरोप भी अंततः सत्य के सामने समाप्त हो गए। इसके साथ ही पांडवों के राजसूय यज्ञ और महाभारत युद्ध का वर्णन करते हुए दुर्योधन के अपमान को युद्ध का कारण बताया। यह भी पढ़ें- भागवत कथा में सुनाया श्रीकृष्ण सुदामा मित्रता प्रसंग। सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने सच्ची मित्रता का महत्व बताया और कहा कि सुदामा ने त्याग और स...