प्रदोष व्रत कथा हिंदी में: पढ़ें कैसे शिव कृपा से बदल गई एक गरीब ब्राह्मणी की किस्मत
नई दिल्ली, जून 11 -- 12 जून को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। हर महीने प्रदोष व्रत दो बार आता है। महीने की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि में प्रदोष व्रत रखा जाता है। जून के महीने में पड़ने वाला पहला प्रदोष व्रत कल है और दूसरा 27 जून को पड़ेगा। मान्यता है कि इस दिन शुभ मुहूर्त पर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाए तो दोनों की असीम कृपा मिलती है। विधि-विधान से की गई पूजा के साथ ही प्रदोष व्रत और शिव चालीसा का पाठ करना भी बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि प्रदोष व्रत की पूजा के दौरान इसकी कथा को पूरे मन से पढ़ना चाहिए।यहां पढ़ें प्रदोष व्रत की पूरी कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार एक नगर में एक गरीब ब्राह्मणी अपने छोटे बेटे के साथ रहती थी। पति के चल बसने के बाद उस ब्राह्मणी का और कोई दूसरा सहारा नहीं था। ऐसे में वो भिक्षा मांगकर किसी तरह...
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