प्रयागराज, मार्च 10 -- प्रदेश में संचालित 71,877 बालवाटिकाओं में से केवल 3,677 में ही बच्चों का आकलन किया जा सका है। इसके लिए 1,672 शिक्षकों की तैनाती की गई और कुल 36,889 विद्यार्थियों का मूल्यांकन हुआ, जो कुल संख्या का लगभग पांच प्रतिशत है। इस कार्य में बुलंदशहर जिला सबसे आगे है, जहां 48 प्रतिशत बच्चों का आकलन किया जा चुका है। इसके बाद बागपत, पीलीभीत और रामपुर में 44 प्रतिशत बच्चों का मूल्यांकन हुआ है। कौशाम्बी और बिजनौर में क्रमशः 33 और 19 प्रतिशत बच्चों का आकलन हुआ। वहीं प्रयागराज और प्रतापगढ़ में यह आंकड़ा केवल छह और पांच प्रतिशत है। कई जिलों में अभी एक प्रतिशत बच्चों का भी मूल्यांकन नहीं हो पाया है।
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