गोरखपुर, जुलाई 1 -- केस एक: असोम का एक व्यापारी आठ महीने पहले दिल्ली के कारोबारी को प्लाई भेज रहा था। देवरिया सचल टीम ने ई-वे बिल के बाद भी खामियों का दावा कर करीब 3.5 लाख का जुर्माना ठोक दिया। इसके बाद कारोबारी ने गोरखपुर में अपील अधिकारी के यहां शिकायत दर्ज कराई। विभागीय अधिकारियों की चूक बताते हुए अधिकारी ने जुर्माना माफ कर दिया।

केस दो: गुजरात में नैपकीन पेपर बनाने वाले यूनिट से माल विदेश के लिए कोलकाता होते हुए भेजा जा रहा था। बीते फरवरी माह गोरखपुर के सचल दल ने गाड़ी रोका। कारोबारी द्वारा बताया गया कि माल पर शून्य फीसदी टैक्स है। लेकिन अधिकारी ने 36 फीसदी टैक्स बताते हुए 4.94 लाख का जुर्माना ठोक दिया। फिलहाल मामला अपील अधिकारी के वहां विचाराधीन है।

मानमानी के मामले गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। राज्यकर विभाग के सचल दल की मानमानी की ग...