प्रयागराज, अप्रैल 5 -- जिले के संस्कृत शिक्षकों की रविवार को हुई बैठक में शिक्षा संस्थानों में संस्कृत विषय की अध्यापन व्यवस्था में लापरवाही के प्रति उच्चाधिकारियों सहित मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए समस्याओं के समाधान का अनुरोध किया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेशभर में पिछले समय में खोले गए 88 जीआईसी में संस्कृत अध्यापक नियुक्त नहीं हुए हैं। आश्रम पद्धति के किसी भी विद्यालय में संस्कृत विषय पढ़ाने की कोई व्यवस्था नहीं है। कई जिला प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में संस्कृत पढ़ाने वालों का अभाव है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद लखनऊ की ओर से मध्यमा में आधुनिक विषय जैसे कम्प्यूटर विज्ञान, विज्ञान, गणित, वाणिज्य, सामाजिक विज्ञान आदि पाठ्यक्रम में लागू तो कर दिया है किन्तु इनके अध्यापन के लिए अध्यापक नहीं मिले हैं। लिहाजा या तो ये विष...