हरदोई, अगस्त 27 -- हरदोई। रामगंगा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जल शक्ति मंत्रालय ने कवायद तेज कर दी है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के निदेशक ने हरदोई जिला प्रशासन से नदी में गिरने वाले नालों और नालियों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। नगर-वार सीवेज गैप विश्लेषण की रिपोर्ट दो सप्ताह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित हो सकें। एनएमसीजी के निदेशक (परियोजना) राहुल द्विवेदी ने बताया कि गंगा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण व पुनरुद्धार के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद रामगंगा नदी के कई हिस्सों में अब भी अप्रशोधित अथवा आंशिक रूप से उपचारित नालों का पानी गिरने से प्रदूषण का स्तर ऊंचा बना हुआ है। इस समस्या से निपटने के लिए आंकड़ों पर आधारित ठोस क...
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