नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- देश के करीब 44 फीसदी शहर प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। प्रदूषण को नियंत्रित करने के वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बोर्ड और समितियों में करीब 45 फीसदी कर्मचारियों के पद खाली हैं। यहां तक कि संबंधित कैडर में योग्य उम्मीदवारों की कमी की वजह से पदोन्नति से भरे जाने वाले पद भी बड़े पैमाने पर खाली हैं। इसका खुलासा, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में पेश रिपोर्ट में किया गया। ऊर्जा और स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र (सीआरईए) की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 44 फीसदी यानी 1787 शहरों में पूरे साल वायु गुणवत्ता (पीएम 2.5) खराब बनी रहती है। यह भी पढ़ें- देश के प्रदूषण नियंत्रण निकायों में 45 फीसदी कर्मचारियों के पद खाली अब सीपीसीबी ने एनजीटी में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि देश के...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.