नई दिल्ली, जनवरी 11 -- राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला की शुरुआत पर्यावरण प्रबंधन को मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। नई दिल्ली में शुरू किए गए इस प्रयोगशाला का मकसद आयातित उपकरणों और विदेशी प्रमाणन तंत्रों पर निर्भरता को कम करना है, क्योंकि कभी-कभी ऐसे उपकरण भारत की आबोहवा के अनुकूल साबित नहीं हो पाते हैं। इस प्रयोगशाला का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा भी कि अब भारत को प्रदूषण निगरानी से जुड़े उपकरणों के प्रमाणन के लिए विदेशी एजेंसियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और भारतीय जलवायु परिस्थितियों के अनुसार अब यहीं परीक्षण की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस प्रयोगशाला की शुरुआत से सिर्फ प्रदूषण के खिलाफ हमारी लड़ाई मजबूत नहीं होगी, बल्कि दूसरे देशों पर निर्भरता कम होने से विदेशी मुद्रा की ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.