नई दिल्ली, अक्टूबर 8 -- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए चल रहे आंदोलन का दिनों-दिन तेज होना बड़ी चिंता और चिंतन की बात है। विगत 2 अक्तूबर से शुरू हुआ आंदोलन धीरे-धीरे विस्तार पा रहा है और इसके पक्ष के साथ ही, विपक्ष में भी खूब बयान जारी हो रहे हैं। जहां एक ओर, दिल्ली में 10 अक्तूबर को विशाल प्रदर्शन के लिए देश-विदेश से समर्थक पहुंचने लगे हैं, वहीं 42 पूर्व जजों ने चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य सांविधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के लिए चलाए जा रहे अभियान पर गहरी चिंता का इजहार किया है। बगैर पुख्ता सुबूत सांविधानिक अधिकारियों को बार-बार 'चोर' कहना क्या लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को कमजोर करना नहीं है? हालांकि, इस सवाल से परे प्रदर्शनकारियों और विपक्षी दलों का विरोध लगातार विस्तार पा रहा है। प्रदर्शन केवल दि...