नई दिल्ली, जनवरी 7 -- नई दिल्ली, मदन जैड़ा। देश में अपराध कर विदेश भाग जाने वाले अपराधियों को वापस लाने के लिए भारत ने कई देशों के साथ प्रत्यर्पण संधियां कर रखी हैं लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद ये संधियां प्रभावी साबित नहीं हो पा रही हैं। कानूनी जटिलताओं के जरिये अपराधियों को वापस लाने की सफलता दर बेहद कम है। इसलिए इसकी जगह अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इसमें बहुपक्षीय मंचों वाले समझौतों को विकल्प के तौर पर आजमाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रत्यर्पण संधि में कानूनी जटिलताएं ज्यादा है क्योंकि इसमें अदालतों का दखल बहुत ज्यादा रहता है। यह सिर्फ भारत के अपराधियों की वापसी के मामले में ही नहीं है बल्कि भारत से अपराधियों को दूसरे देश भेजने के मामले में भी हो रहा है। यानी अड़चनें दोनों तरफ ...
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