जमुई, मई 17 -- झाझा, निज प्रतिनिधि खेल से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक विकास भी होता है- यह निर्विवाद सत्य है। खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व जैसे गुणों को विकसित करता है। लेकिन झाझा शहर का एकमात्र रेलवे चांदवारी खेल मैदान आज बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। वर्षों पहले तक यह मैदान शहीद लुकमान फुटबॉल टूर्नामेंट जैसे बड़े आयोजनों का गवाह रहा है, लेकिन अब यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। मैदान तक पहुंचने के लिए कोई समुचित पक्की सड़क नहीं है। दौड़ने या अभ्यास के लिए ट्रैक जैसी कोई सुविधा नहीं है।जलजमाव से प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ी, मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे बड़ी परेशानी शौचालय की अनुपलब्धता है, जिससे विशेष रूप से महिला खिलाडि़यों को भारी असुविधा होती है। चारों ओर गंदगी फैली है, झाड़-...