कुशीनगर, जनवरी 1 -- कुशीनगर। कप्तानगंज तहसील क्षेत्र में अवैध बालू खनन का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जिससे प्रतिमाह लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। बालू माफियाओं की इस गतिविधि से न केवल सरकारी खजाने को क्षति पहुंच रही है, बल्कि किसानों के खेतों का भी भारी नुकसान हो रहा है और नदी का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है। शासन द्वारा नदी संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बीते कई वर्षों से बालू खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके चलते कुछ ही घाटों की नीलामी और पट्टा प्रक्रिया की गई है। इसके बावजूद कप्तानगंज तहसील क्षेत्र के कारीटोला, मदरहवा, हसनगंज, मलुकही, सुअरहा सहित आधा दर्जन से अधिक घाटों पर रात के अंधेरे में बालू माफियाओं द्वारा अवैध खनन किया जा रहा है। रात्रि के समय बालू का खनन कर उसे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों से विभिन्न स्थान...