आजमगढ़, मई 13 -- आजमगढ़, संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील से सराफा बाजार में बेचैनी बढ़ गई है। कारोबार डूबने की आशंका से जिले के सराफा व्यापारी सहमे हुए हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में अस्थिरता के चलते जहां पहले से कारोबार काफी प्रभावित हो चुका है, वहीं अब मामूली खर्च निकालना भी मुश्किल हो सकता है। सोने की कीमतों में हुई वृद्धि से अधिकतर ग्राहक नई ज्वेलरी खरीदने के बजाए एक्सचेंज को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। शहर का पुरानी कोतवाली सराफा कारोबार का प्रमुख बाजार है। इस बाजार में ज्वेलरी का बड़ा शोरूम संचालित करने में अमूमन दस से पंद्रह लाख रुपये प्रति माह खर्च आता है। कारोबारी अशोक अग्रवाल ने बताया कि शोरूम का किराया, आठ से छह सेल्समैन की सेलरी, चार सिक्योरिटी गार्ड की तनख्वा...