गौरीगंज, मई 30 -- अमेठी। संवाददाता प्रतिवर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस का आयोजन तो किया जाता है, लेकिन तंबाकू नियंत्रण के दावों की हकीकत जिले में कुछ अलग ही नजर आ रही है। शहर से लेकर कस्बों और ग्रामीण बाजारों तक पान-मसाला, गुटखा, खैनी, बीड़ी और सिगरेट की बिक्री खुलेआम हो रही है। स्कूल, कॉलेज और मंदिरों के साथ ही अन्य प्रतिबंधित स्थानों के आसपास भी तंबाकू उत्पाद आसानी से उपलब्ध हैं। यह भी पढ़ें- नाबालिगों को तंबाकू वितरित करने पर लगे रोकस्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग रिपोर्ट पर गौर करें तो जिले में लगभग 40 फीसद लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं। जिसमें से महिलाएं 7 से 8 फीसद तो पुरुष लगभग 32 से 33 फीसद तंबाकू उत्पाद का सेवन कर रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा लगभग 70 से 80 प्रतिशत तंबाकू, गुटका, खैनी व ज...