रांची, मार्च 18 -- खूंटी, संवाददाता। खूंटी के विधायक रामसूर्या मुंडा ने विधानसभा में शून्य काल के दौरान क्षेत्र में प्रज्ञा केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाएं सुलभ कराना था, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रही है। विधायक ने बताया कि आधार पंजीकरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंकिंग सेवाएं, पेंशन और मनरेगा से जुड़े कई आवश्यक कार्य पंचायत स्तर पर नियमित रूप से नहीं हो पा रहे हैं। इसके कारण ग्रामीणों को प्रखंड कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रज्ञा केंद्र संचालकों  को उनके कार्य के अनुरूप उचित पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है, जिससे सेवा की गुणवत्ता...