सीवान, जनवरी 3 -- गुठनी, एक संवाददाता। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना डाक विभाग प्रखण्ड में पूरी तरह दम तोड़ चुकी है। वावजूद विभागीय अधिकारियों की उदासीनता से आम आदमी पूरी तरह विवश है। प्रखंड में सुदूर इलाके और ग्रामीण क्षेत्रों में डाक विभाग की व्यवस्था से ग्रामीणों काफी परेशान है। उनका कहना था कि विगत कुछ सालों से डाक विभाग का महत्व धीरे-धीरे कम होता गया है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार उप डाकघर के 8 मुख्य डाकघर हैं, जिनमें बलुआ, चिताखाल, डुमरहर, भलुआ, चकरी, श्रीकरपुर, टड़वा, और तेनुआ शामिल हैं। जहां कागजों पर चलने के लिए विवश हैं डाकघर प्रखण्ड के अधिकतर डाकघरों की स्थिति पूरी तरह बदहाल हो गई है। जिनमे बलुआ डाकघर मुख्य रूप से शामिल हैं। यहां के पोस्टमास्टर दीनानाथ गुप्ता के रिटायर्ड होने के बाद किसी की नियुक्ति नही की गई। लिहाज...